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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार डिप्रेशन से बचने के लिए करें चंद्रमा को प्रसन्न।

By August 6, 2022December 21st, 2022No Comments

दैनिक जीवन में प्रत्येक व्यक्ति डिप्रेशन में रहता है। डिप्रेशन एक आम बीमारी लगती है। पर इसका असर लोगों को आत्महत्या करने के लिए भी मजबूर कर देता है। थोड़ी मात्रा में डिप्रेशन जरुरी होता है। कभी डिप्रेशन बहुत अधिक हो जाता है। इसके पश्चात डिप्रेशन से निकलना अत्यधिक मुश्किल होता है। कुछ लोगों को परिवार की समस्याओं को लेकर डिप्रेशन हो जाता है। कुछ लोग नौकरी,कर्रिएर और व्यापार से जुड़ी परेशानियों से डिप्रेशन घेर लेता है। डिप्रेशन की वजह से कई मानसिक रोग उत्पन्न हो जाते हैं।
ज्योतिष के अनुसार, डिप्रेशन चंद्रमा के प्रभाव से होता है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है। अगर आपकी कुंडली (Kundli) में चंद्रमा कमजोर स्थिति में है। तो आप शीघ्र ही डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं।

ज्योतिष शास्त्र में डिप्रेशन का कारण-

डिप्रेशन का कारण हमारी कुंडली से पता लगाया जा सकता है। क्योंकि ज्योतिष शास्त्र (Astrology) हमारी कुंडली के ग्रह और नक्षत्र के आधार पर समस्याओं का पता लगाता है। हमारी समस्याओं का समाधान करता है। कुंडली के आधार पर जान सकते हैं। कि जातक डिप्रेशन का शिकार है या नहीं। कुंडली का प्रथम स्थान मस्तिष्क को दर्शाता है। चंद्रमा को मस्तिष्क और भावनाओं का स्वामी कहते हैं। अगर किसी जातक की कुंडली में चंद्रमा प्रथम भाव में नीचे स्थान पर हो। या चन्द्रमा के साथ पाप ग्रह बैठे हो। तब जातक डिप्रेशन का शिकार हो जाता है।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार डिप्रेशन की कुंडली में दशाएं-

  • कुंडली के तीन भाव में चन्द्रमा का स्थान छठा और आठवां हों तब डिप्रेशन की दशा बनती है।
  • जब चंद्रमा की युक्ति सूर्य,राहु,शनि और मंगल से हो रही हो।
  • चंद्रमा कुंडली में पाप के ग्रहों से मिल रहा हो या पाप ग्रह के साथ बैठा हो।
  • जब कुंडली में चंद्रमा अपने स्थान पर अकेला हो। तब जातक डिप्रेशन में चला जाता है।
  • चंद्रमा नीच राशि में होता है तब मानसिक तनाव का कारण बनता है।

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चंद्रमा का असर-

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नौ ग्रहों में चंद्रमा की चाल सबसे तेज होती है। कुंडली (Kundali) में चंद्रमा सवा दो दिन में एक राशि से दूसरी राशि में चला जाता है। कुंडली में चन्द्रमा का स्थान अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी स्थिति से मनुष्य के मन और मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अगर कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो जाता है। तब मनुष्य के मस्तिष्क पर गहरा असर पड़ता है। मनुष्य मानसिक रोगों से ग्रस्त हो जाता है। यह मानसिक रोग डिप्रेशन का कारण बन जाते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा के लिए उपाय-

  • अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा अत्यधिक कमजोर है। तब चांदी के गिलास में जल पीना लाभदायक होता है।
  • ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा अपने घर पर नहीं स्थित तब चांदी की अंगूठी को पहनना चाहिए।
  • शिव जी के लिए सोमवार का व्रत रखना चाहिए।
  • कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है तब शिव जी की पूजा करना अधिक लाभ देता है।
  • क्योंकि शिव भगवान चंद्रमा के स्वामी कहे जाते हैं।
  • चंद्रमा कमजोर होने की स्थिति में शिवलिंग पर दूध अर्पित करना लाभ देता है।
  • ज्योतिष के अनुसार अगर आप डिप्रेशन में हैं तो आपको शिव जी की पूजा पूरे विधि विधान से करनी चाहिए।
  • शिव मंत्र का जाप और शिव चालीसा का पाठ करना अति आवश्यक है।
  • अगर आप डिप्रेशन में हैं तब योग और प्राणायाम से भी लाभ मिलता है।

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Jaya Verma

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